Monday, 31 July 2017

मुलाज़िम बना ग़ुलाम - 1


तडाक................ राहुल के गाल पर एक जोरदार थप्पड़ पढ़ा और वोह जमीन पर जा गिरा. अमित ने उसे बालो से पकड़ा और ऊपर कि और खींचा. आह्हाअ............ अहा..................... राहुल दर्द से कराह उठा. उसने आपनेदोनो हाथों से अपने बालों को छुड़ाने कि कोशिश करने लगा. पर अमित ने एक लात राहुल के लंड पर मारी. राहुल दर्द से बिलबिला उठा. वोह अपने लंड को पकड़ कार जोर जोर से चीखने लगा.
अमित ने उस पर कोइ रहम नहि खाया. वो जोर से चीख़ा " आगे से जो कहा जाएँ उसेतुरंत करना वरना तेरा वोह हाल करूँगा कि तेरी रूह कंपा जयेगि. समझा!!!!' राहुल ने दर्द से कर्हाते हुएय ऊपर देखा. उसने अमित कि आँखों में खून देखा. वोह अंदर से और डर से भार गया. उसने जल्दी से सर हिला कार हामी भार दी. "अ*ॅब जल्दी से खड़ा हो". राहुल दर्द से अपने लँड को सह्लाते हुएउठने केए कोशिश करने लगा. "जल्दी...................... साले तेरे बाप का ग़ुलाम हूँ क्य कि तेरा इंतज़ार करता रहूँगा." राहुल थोड़ा तेजी से उठा. उसने अभि भि अपने लँड को दबा रखा था. " दोनो हाथ पीछे". राहुल ने अमित कि आंखों में देखा. अमित गुस्से से लाल था. उसने फटाफट हाअथ को पीछे कर लिया.
"साले तुझे पता हैं ना कि तेरी क्या औकात है आज से"अमित चिल्लाया. राहुल ने कोई जवाब नही दिया. बस उसका सर नीचे था. अमित ने बलों से राहुल का सर ऊपर किया और चीख़ा " हान या ना", " जी सर" राहुल ने धिरे सेजवाब दिया " तो फिर मेरा Order मानने में देर क्यों हो रही है"... "हैं".... "सोरी सर" राहुल ने जवाब दिया. "ठीक है. अब सारे कपड़े उतार जल्दी"
राहुल यह सुनकर चौंक गया. उसके कान यह सुनकर विश्वास नहि कार पा रहे थे. उसको यह मालूम था के यह होने वाला है. पर इतनी जल्दी हो जयेगा ऐसे उम्मीद नही थी. वो कभी भि किसी आदमी के आगे नँगा नही हुआ था. वो दो मिनुट तक अमित के मुँह कोदेखता राह गया. " हरामज़ादे बहरा है क्यआ. सुनाई नही दिया क्या." अमित चीख़ा. " जी जी ....... हूम........ वोह ......................" राहुल को कोइ जवाब नही सुझा. " क्या जी जी लगा रखा. अभी और झापाड खाने है क्या". राहुल ने अपनी गार्डन नही में घुमाई. "तो फिर जल्दी से नम्गा हो साले ". राहुल नेअभि भी कुछ नही किया. बस वोह एक चुतिआ कि तरह खदा रहा. " कर्ता है या आऊं". अमित ने फिर से ऊँची आवाज़ मैं कहा. राहुल होश में आया. वो और पिटाई नही खाना चाहता था.
राहुल ने फटाफट अपने काँप्ते हाथों से अपनी शर्ट के बटन खोलने शुरु किए. एक एक करके सरे बटन खोल दिए. और शर्ट को उतार कर नीचे फेंक दिया. फिर उसने अपने दोनों हाथों से अपनी बनियान भी उतरदी. " अ*ॅब पैंट उतार" अमित ने बोला. राहुल ने अपना हाथ पैंट कि ओर बदया. पर एक दम उसने हाथ जोड़ लिए " सर प्लीज़ ये मुझसे नही होगा. प्लीज़ मुझे माफ कर दिजिये. मै किसी आदमी के आगे नँगा नही हुआ."
" हुम्मा..............ठीक है मैं पुलिस को फोन कर देता हूँ" अमित बोला. राहुल एक दम घबरा गया. और भागकर अमित के पैरों में गिर गाया.


To be Continued....

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