Monday, 31 July 2017

मुलाज़िम बना ग़ुलाम - 4


अब तक राहुल की चुतड पूरी तरह से जल रही थी. उसके लांड ने झटके देने भि शुरु कर दिए थे. राहुल ने अपने एक हाथ को छोड़ कर उससे अपने लंड को पकड़ने की कोशिश करने लगा. वो लंड को पकड़ उसकी उत्तेजना को कम करना चाहता था. पर अमित ने उसका हाथ पकड़ कर झटक दिया. राहुल बस आहेँ भर्ता ही राह गया. "आआ... अहं.... ओऔ.. आह्हा............. सर प्लीज़............... मेरा लंड झड़ने वाला है."................" आआह्हाआ..................." अमित से अपने हाथों को राहुल की टाँगों के बीच से निकाल कर उसके लंड को पकड़ने क कोशिश की. इसने तो आग में घी का कम किया. राहुल अमित के टच से एक दम हिल गाया. और उसने अमित का हाथ रोकने कि कोस्शिश कि. अमित ने राहुल की इस अजीब स्तिथि का फयदा उठाया. और उसे लंड के सुपाडे को जोर सेपकड़ लिया. अमित ने उत्तेजना में एक जोर से चीख निकली. "ऊह्ह.............. सर................. प्लीज़...............मैं और सहन नहि कर सकता.................. आआ..... ऊओ..............." अमित ने राहुल के लंड के सुपाडे पर उँगली फेरनि शुरू कर दी. "अ*ॅआअ.............ऊऊ........ओह................." राहुल का लंड अब झटके देने लगा. राहुल किसी भी तरह से झड़ना चाहता था अपने लंड में से. अमित ने राहुल के सुपाडे को सहलाना बंद नही किया. कुछ मिनट तक ऐसा चलता रहा. राहुल और पागल होता जा रहा था. उसकी आहेँ और तैज़ हो गयी थी. "सर ...................प्लीज़................अहा....................... ओह..............." राहुल का लंड अब जोर जोर से झटके देने लगा.... अमित समझ गाया कि राहुल झड़ने वाला है........ उसने अचानक अपना हाथ हटा लिया... और राहुल को अपनी टाँगों से निचे धकेल दिया. राहुल धाम से कार्पेट पर गिरा. वो सकते में आ गाया. "वहा सामने जाकर खडा हो जां" राहुल ने अचानक अपने लंड को देखा. जो पत्थर की तरहहार्ड था और उस पर pre cum बह रहा था. उसे यकीन नही हुआ.

No comments:

Post a Comment